तारीख: 8 जून, 2026 श्रेणी: समाचार / जन-जागरूकता
पिछले
कुछ
घंटों
से
असम,
गुवाहाटी और
आसपास
के
क्षेत्रों में
'भूकंप'
(Earthquake) के
झटके
महसूस
किए
जाने
की
खबरें
लगातार
सामने
आ
रही
हैं।
गूगल
ट्रेंड्स पर
भी
"earthquake near me" और "earthquake in Assam" सबसे ज्यादा सर्च
किए
जाने
वाले
विषयों
में
से
हैं।
रिपोर्ट्स के
अनुसार,
भूटान में 5.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज
किया
गया
है,
जिसके
असर
के
कारण
असम
और
पूर्वोत्तर भारत
के
कई
हिस्सों में
धरती
कांपी।
यह
स्थिति
हमें
याद
दिलाती
है
कि
हम
'सिस्मिक ज़ोन
5' (Seismic Zone 5) के
बेहद
संवेदनशील इलाके
में
रहते
हैं।
1.
क्या अभी डरने की जरूरत है?
भूकंप
एक
प्राकृतिक घटना
है
जिसे
रोका
नहीं
जा
सकता,
लेकिन
सही
जानकारी और
तैयारी
से
हम
अपने
और
अपने
परिवार
के
बचाव
को
सुनिश्चित कर
सकते
हैं।
विशेषज्ञ हमेशा
से
ही
गुवाहाटी और
असम
को
भूकंपीय दृष्टि
से
संवेदनशील मानते
रहे
हैं,
इसलिए
'सतर्कता' ही
सबसे
बड़ा
बचाव
है।
2.
भूकंप आने पर क्या करें? (सुरक्षा के 3 गोल्डन नियम)
अगर
आप
अभी
या
भविष्य
में
कभी
भूकंप
के
झटके
महसूस
करें,
तो
इन
तीन
बातों
को
याद
रखें:
- झुकें
(Drop): तुरंत जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
- ढकें
(Cover): किसी मजबूत मेज (Table) या डेस्क के नीचे चले जाएं। अपने सिर और गर्दन को हाथों से ढकें।
- पकड़े
रहें (Hold on):
जब तक झटके बंद न
हों, तब तक उस जगह को पकड़ कर रखें और हिलें नहीं।
याद रखें: यदि आप
घर
के
अंदर
हैं,
तो
बाहर
न
भागें।
यदि
आप
बाहर
हैं,
तो
इमारतों, बिजली
के
खंभों
और
पेड़ों
से
दूर
खुले
मैदान
में
चले
जाएं।
3.
क्या आपका 'इमरजेंसी किट' तैयार है?
असम
जैसे
भूकंप
प्रभावित क्षेत्रों में
रहने
वाले
हर
परिवार
के
पास
एक
छोटा
'इमरजेंसी बैग'
होना
चाहिए।
इसमें
ये
चीजें
जरूर
रखें:
- टॉर्च (अतिरिक्त
बैटरी के साथ)।
- प्राथमिक
उपचार (First-aid) किट।
- कम से कम 2 लीटर पीने का पानी।
- कुछ बिस्कुट या सूखे मेवे
(Energy bars)।
- महत्वपूर्ण
दस्तावेजों की फोटोकॉपी।
- पावर बैंक।
4.
अफवाहों से बचें
सोशल
मीडिया
पर
अक्सर
भूकंप
को
लेकर
डरावनी
और
झूठी
खबरें
फैलाई
जाती
हैं।
कृपया
किसी
भी
अनवेरिफाइड (Unverified) मैसेज पर
भरोसा
न
करें।
भूकंप
की
सटीक
जानकारी के
लिए
हमेशा
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS - National Center for Seismology) या
आधिकारिक समाचार
पोर्टलों पर
ही
भरोसा
करें।
