Monsoon Health Alert: मानसून में क्यों बढ़ रहे हैं Shigella Virus के मामले? जानिए लक्षण और डाइट टिप्स
देश
भर
में
मानसून
की
एंट्री
के
साथ
ही
चिलचिलाती गर्मी
से
राहत
तो
मिल
गई
है,
लेकिन
यह
मौसम
अपने
साथ
कई
बैक्टीरिया और
वायरस
भी
लेकर
आता
है।
इस
समय
केरल
और
उसके
आसपास
के
राज्यों से
एक
बड़ी
स्वास्थ्य चेतावनी सामने
आ
रही
है।
पानी
और
दूषित
भोजन
से
फैलने
वाले
खतरनाक
Shigella Virus (शिगेला
बैक्टीरिया) के
मामले
तेजी
से
बढ़
रहे
हैं।
यह
इन्फेक्शन सीधे
हमारे
पाचन
तंत्र
पर
हमला
करता
है,
जिससे
पेट
से
जुड़ी
गंभीर
बीमारियां होने
लगती
हैं।
अगर
आप
भी
इस
मानसूनी सीजन
में
खुद
को
और
अपने
परिवार
को
सुरक्षित रखना
चाहते
हैं,
तो
यह
Monsoon Health Alert आपके लिए
बेहद
जरूरी
है।
आइए
जानते
हैं
इसके
लक्षण,
बचाव
के
तरीके
और
एक
सही
मानसून
डाइट।
क्या है शिगेला (Shigella) और यह बारिश में क्यों फैलता है?
शिगेला
वास्तव
में
एक
बेहद
संक्रामक बैक्टीरिया है,
जो
आंतों
में
इन्फेक्शन पैदा
करता
है।
इसे
'शिगेलोसिस' (Shigellosis) भी कहा
जाता
है।
मानसून
के
दौरान
बाढ़,
जलजमाव
और
सीवेज
के
पानी
का
पीने
के
पानी
में
मिल
जाना
बेहद
आम
है।
जब
कोई
व्यक्ति इस
दूषित
पानी
या
इसके
संपर्क
में
आए
बिना
धुले
फल
और
सब्जियों का
सेवन
करता
है,
तो
यह
बैक्टीरिया शरीर
में
प्रवेश
कर
जाता
है।
शिगेला इन्फेक्शन के मुख्य लक्षण (Symptoms)
इस
बैक्टीरिया के
संपर्क
में
आने
के
1 से
2 दिनों
के
भीतर
शरीर
में
ये
लक्षण
दिखाई
देने
लगते
हैं:
- गंभीर
दस्त (Diarrhea):
कभी-कभी मल के साथ खून या मवाद आना।
- पेट
में तेज मरोड़: पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और ऐंठन होना।
- तेज
बुखार: इन्फेक्शन
के कारण अचानक शरीर का तापमान बढ़ना।
- उल्टी
और मतली: कुछ भी खाने या पीने पर बार-बार जी मिचलाना।
- डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी और जरूरी लवणों की भारी कमी होना।
मानसून में पेट को स्वस्थ रखने वाले बेस्ट फूड्स (Diet Tips)
बारिश
के
दिनों
में
हमारी
पाचन
शक्ति
(Digestion) कमजोर
हो
जाती
है।
इसलिए
अपनी
डाइट
में
इन
चीज़ों
को
शामिल
करना
शुरू
करें:
1.
उबला हुआ पानी और हर्बल टी
नल
के
पानी
को
सीधे
पीने
के
बजाय
कम
से
कम
10 मिनट
उबालकर
ठंडा
करें।
इसके
अलावा
तुलसी,
अदरक
और
पुदीने
से
बनी
हर्बल
चाय
पीएं,
जो
पेट
के
हानिकारक बैक्टीरिया को
मारती
है।
2.
प्रोबायोटिक्स का सेवन करें
घर
का
बना
ताजा
दही
या
छाछ
आंतों
के
अच्छे
बैक्टीरिया (Gut Flora) को मजबूत
करते
हैं।
यह
पेट
को
बाहरी
इन्फेक्शन और
फूड
पॉइजनिंग से
लड़ने
की
ताकत
देता
है।
3.
सूप और पकी हुई सब्जियां
कच्ची
सलाद
खाने
से
बचें
क्योंकि उनमें
बैक्टीरिया के
चिपके
होने
का
खतरा
सबसे
ज्यादा
होता
है।
लौकी,
तोरई
और
कद्दू
जैसी
मौसमी
सब्जियों को
अच्छे
से
पकाकर
या
उनका
गर्म
सूप
बनाकर
पीएं।
शिगेला वायरस से बचाव के अचूक उपाय
- हाथ
धोने की आदत: खाना खाने से पहले और टॉयलेट का उपयोग करने के बाद हाथों को साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।
- स्ट्रीट
फूड को कहें ना: मानसून के दौरान सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे,
चाट और खुले में कटे हुए फलों का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
- सब्जियों को अच्छी तरह धोएं: बाज़ार से लाई गई हरी सब्जियों को गुनगुने नमक के पानी में धोकर ही पकाएं।
बार-बार पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1.
क्या शिगेला कोई नया वायरस है?
नहीं,
शिगेला
कोई
वायरस
नहीं
बल्कि
एक
पुराना
और
जाना-माना बैक्टीरिया है।
यह
हर
साल
मानसून
या
बाढ़
जैसी
स्थितियों में
दूषित
पानी
और
अस्वच्छता के
कारण
तेजी
से
एक्टिव
हो
जाता
है।
2.
शिगेला इन्फेक्शन कितने दिनों में ठीक होता है?
आमतौर
पर
इसके
हल्के
लक्षण
5 से
7 दिनों
में
अपने
आप
ठीक
हो
जाते
हैं।
लेकिन
अगर
मरीज
को
लगातार
तेज
बुखार
रहे
या
मल
में
खून
आए,
तो
बिना
देरी
किए
डॉक्टर
से
एंटीबायोटिक्स कोर्स
के
लिए
संपर्क
करना
चाहिए।
3.
क्या मानसून में कच्ची सलाद खाना सुरक्षित है?
बारिश
के
मौसम
में
कच्ची
सलाद
या
अधपका
भोजन
खाने
से
बचना
चाहिए।
नमी
के
कारण
पत्तागोभी, पालक
और
खीरे
जैसी
चीज़ों
पर
बैक्टीरिया आसानी
से
पनपते
हैं,
जिन्हें सिर्फ
सादे
पानी
से
साफ
करना
मुश्किल होता
है।
4.
क्या ओआरएस (ORS) इस बीमारी में मददगार है?
हाँ,
बहुत
ज्यादा
मददगार
है।
शिगेला
के
कारण
होने
वाले
दस्त
से
शरीर
का
सारा
पानी
निकल
जाता
है।
ऐसे
में
डिहाइड्रेशन से
बचने
के
लिए
लगातार
ओआरएस
(ORS) का
घोल
या
नमक-चीनी का पानी
पीते
रहना
चाहिए।
5.
क्या यह इन्फेक्शन एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है?
हाँ,
यह
बेहद
संक्रामक है।
यदि
संक्रमित व्यक्ति टॉयलेट
जाने
के
बाद
हाथ
ठीक
से
साफ
नहीं
करता
और
खाने-पीने की चीज़ों
को
छूता
है,
तो
यह
इन्फेक्शन परिवार
के
दूसरे
सदस्यों में
भी
फैल
सकता
है।
